Sunday, 6 July 2008

Bas Dua Karte hai......

बस दुआ करते है
आप जो चाहे
आपको मिले.........

जिंदगी इतनी भी कातिल नहीं
जितना आप इसे समझते है
आप और हम ही तो जिन्दा बाकि है
वरना ये जीने वाले
क्या खाक जिया करते है............

रो दिया करते है
कभी हम
गमो की परछाई देख कर
तो कभी
खुशी के लम्हों में भी
हम पलके नम किया करते है.......

कभी
बेटे बेटे मुस्कुरा देते है
दोस्त मेरे
तो कभी हम
हासने का सिर्फ
इंतज़ार किया करते है........

कुछ कहे कहे
ये लावाज़ मेरे
ये दिल ये आखे
हमेशा प्यार का इज़हार किया करते है.........

हस देते थे
जिसकी हम खुशी देख कर
अब तो
उस से मिलना का बस
इन्तेज़ार किया करते है........

कहेते है दोस्त मेरे
कह देते हाल--दिल आपना
मगर
कोई उन से पूछे
फिर क्यों
निगाहों ही निगाहों में
बातें किया करते है...........