Tuesday, 11 November 2014

बैठा इबादत में तेरी - Praying

बैठा इबादत में तेरी, वोह कब से दिल लगाये; 
हो उसकी भी दुआ कुबूल, अल्लाह किसी को ना यु तरसाये। !!!

कोई उसका भी हाथ थामे, कोई उस से भी दिल लगाये;
ज़िंदगी चाहे अकेली हो , मगर अकेलापन किसी को  ना खानेपाये !!

रास्ते चाहे जैसे भी हो ,  हर कोई अपनी मंज़िल ढूंढ पाये;
 हो सके तो खुदा मेरे , सबकी किस्मत एक जैसी बनाये !!!