सही तो हम शायद कभी थे ही नहीं ,
और गलतियो ने कभी दामन छोड़ा नहीं;
लोगो का क्या था, वोह केहते रहे कहानी अपनी,
जैसे जिंदगी उनकी हो,मेरी तो कभी थी ही नहीं। ।
और गलतियो ने कभी दामन छोड़ा नहीं;
लोगो का क्या था, वोह केहते रहे कहानी अपनी,
जैसे जिंदगी उनकी हो,मेरी तो कभी थी ही नहीं। ।